इस ब्‍लॉग की सामाग्री के संकलन में श्री राहुल सिंह जी का विशेष योगदान है। सामाग्री संकलन अभी आरंभिक अवस्‍था में है, वर्तमान में यहां प्रकाशित जीवन परिचय हम विभिन्‍न सूत्रों से साभार प्रस्‍तुत कर रहे हैं। जैसे-जैसे जानकारी उपलब्‍ध होती जावेगी हम इसे अपडेट करते रहेंगें। प्रकाशित सामाग्री के संबंध में किसी भी प्रकार के संशोधन, परिर्वतन, परिवर्धन एवं अतिरिक्‍त सूचना के लिए आप tiwari.sanjeeva एट द gmail.com में संपर्क कर सकते हैं। आपके सुझावों का स्‍वागत है।

यति यतनलाल

सामाजिक और सांस्कृतिक जागृति के प्रणेता यति यतनलाल जी का जन्म सन् 1894 में कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी को बीकानेर में हुआ था । मात्र 6 माह की आयु में आपके माता-पिता का देहावसान हो गया । उसके बाद गुरु बाह्यमल ने पुत्रवत् पालन-पोषण किया । ढाई वर्ष की उम्र में अपने गुरु के साथ रायपुर आ गए । अल्पायु में ही आप गणित और भाषा में प्रवीण हो गए । संस्कृत साहित्य और इतिहास आपका प्रिय विषय था । उन्नीस वर्ष की आयु में दीक्षा ग्रहण की और 1919 में राजनीति से जुड़ गए ।
आरंभ से ही रचनात्मक कार्यों के माध्यम से आप जन-जागरण के लिए निरंतर प्रयासरत रहे और दलित उत्थान व उन्हें संगठित करने के उद्देश्य से गांव-गांव में घूमकर हीन भावना दूर करने के लिए अथक प्रयास किया । कुरीतियों और बुराईयों से जूझते हुए हर पल आपको विरोध का सामना करना पडा, लेकिन साहस और संकल्प के साथ उद्यम में जुटे रहे ।
1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के प्रचार कार्य में संयोजक तथा नगर प्रमुख के रुप में आपने महत्वपूर्ण योगदान दिया । शराब की दुकानों के सामने पिकेटिंग के संचालन में भी यथेष्ठ भूमिका रही । महासमुंद तहसील में जंगल सत्याग्रह के आप सूत्रधार रहे तथा गिरफ्तार किए गए ।
1933 में आप हरिजन उद्धार आंदोलन के प्रचार में सक्रिय हो गए । महात्मा गांधी के निर्देशानुसार आपने 1935 में ग्रामोद्योग, अनुसूचित जाति उत्थान और हिन्दू-मुस्लिम एकता की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए । स्वतंत्रता आंदोलन में आपने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अनेक बार जेल गए । आप ग्रामीण जनता के उत्थान के लिए सदैव कटिबद्ध रहे और ग्रामोद्योग के महत्व का प्रचार करने में संलग्न रहे ।

4 अगस्त 1976 को आपका निधन हो गया । आप श्रेष्ठ वक्ता, लेखक, समाज सुधारक थे । छत्तीसगढ़ में अहिंसा के प्रचार में अविस्मरणीय योगदान को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने उनकी स्मृति में अहिंसा एवं गौ-रक्षा में यति यतनलाल सम्मान स्थापित किया है ।

1 comment:

EChhattisgarh in said...

Thanks for the information provided by you. Its very useful for Chhattisgarh people.

कपिलनाथ कश्यप कला कवि मुकुंद कौशल केयूर भूषण कोदूराम दलित चन्दूलाल चन्द्राकर डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा डॉ. निरुपमा शर्मा डॉ. पालेश्वर शर्मा डॉ. विनयकुमार पाठक डॉ.परदेसी राम वर्मा डॉ.रमेश चंद्र महरोत्रा डॉ.विमल कुमार पाठक दाऊ रामचंद्र देशमुख दानेश्वर शर्मा नंदकिशोर तिवारी नारायणलाल परमार पं. द्वारिका प्रसाद तिवारी पं. बंशीधर शर्मा पं. रविशंकर शुक्ल पं. सुन्दरलाल शर्मा पं.राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल पुरुषोत्तम लाल कौशिक बद्रीविशाल परमानंद बिसंभर यादव बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल भगवती सेन मंदराजी महाराज प्रवीरचन्द्र भंजदेव मिनीमाता यति यतनलाल रघुवीर अग्रवाल पथिक राजनीति रामेश्वर वैष्णव लाला जगदलपुरी विद्याभूषण मिश्र विनोद कुमार शुक्‍ल वीरनारायण सिंह शकुन्तला तरार श्यामलाल चतुर्वेदी साहित्‍य स्व. प्यारेलाल गुप्त हरि ठाकुर हाजी हसन अली हेमनाथ यदु